State Bank of India पर्सनल लोन — पूरी लागत सामने रखकर ऑफ़र की तुलना करें
State Bank of India पर्सनल लोन ऐसा लोन है जिसमें कुछ भी गिरवी नहीं रखना पड़ता — ऋणदाता आय, क्रेडिट इतिहास और मौजूदा देनदारियों के आधार पर फ़ैसला करता है। अप्लाई करने से पहले तीन आंकड़े ज़रूर देख लें: ब्याज दर किस आधार पर लगेगी, GST सहित प्रोसेसिंग फीस, और रुपयों में कुल चुकौती राशि।

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कम अवधि में वार्षिक दर ज़्यादा दिख सकती है क्योंकि एकमुश्त शुल्क कुछ ही महीनों में बंट जाता है। रुपयों में कुल चुकौती राशि की तुलना करें।
यह केवल उदाहरण है। आपकी दर, शुल्क और चुकौती राशि ऋणदाता के ऑफ़र और Key Facts Statement पर निर्भर करती है।
State Bank of India पर्सनल लोन ऑफ़र की तुलना करें
व्यावसायिक साझेदारियाँ ऊपर दिए तथ्यात्मक फ़ील्ड को कभी नहीं बदलतीं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
State Bank of India पर्सनल लोन एक ऐसा लोन है जिसमें कुछ गिरवी नहीं रखना पड़ता और जिसे तय मासिक किस्तों (EMI) में चुकाया जाता है। ऋणदाता आपकी आय और क्रेडिट प्रोफ़ाइल देखकर राशि और ब्याज दर तय करता है, और आपके स्वीकार करने से पहले पूरी लागत Key Facts Statement में बतानी होती है।
लागत के तीन हिस्से होते हैं: ब्याज (इस सेगमेंट में अनुमानित 10–36% वार्षिक), प्रोसेसिंग फीस (आमतौर पर 0.5%–3%) और फीस पर 18% GST। सिर्फ़ उदाहरण: ₹1,00,000 का लोन 12 महीने के लिए 16% वार्षिक पर लेने पर EMI लगभग ₹9,073 बनती है और कुल चुकौती करीब ₹1,11,237 होती है।
तब सुरक्षित है जब ऋणदाता कोई बैंक या RBI से विनियमित NBFC हो और अपनी विनियमित संस्था का नाम साफ़ बताता हो। संस्था की पुष्टि करें, Key Facts Statement पढ़ें, और ऐसे किसी भी ऐप से दूर रहें जो फ़ोन का पूरा एक्सेस मांगे या पहले से "रिलीज़ फीस" वसूले।
ज़्यादातर ऋणदाता आंशिक प्री-पेमेंट या पूरा फोरक्लोज़र करने देते हैं। शुल्क अलग-अलग होते हैं और उन्हें शुल्क सूची में दिया जाना ज़रूरी है; अवधि के शुरुआती दौर में चुकाने पर ब्याज की सबसे ज़्यादा बचत होती है, क्योंकि ब्याज बकाया राशि पर लगता है।
आपका क्रेडिट इतिहास, आय की स्थिरता, मौजूदा EMI, लोन की राशि और अवधि। विज्ञापन में दिखने वाली "शुरुआती" दर सबसे मज़बूत प्रोफ़ाइल वालों को ही मिलती है — ऑफ़र की तुलना हमेशा कुल चुकौती राशि पर करें, सिर्फ़ बड़े अक्षरों में लिखी दर पर नहीं।